Category Vedic Yantra
मंगल यंत्र साहस, ऊर्जा, पराक्रम और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला शक्तिशाली वैदिक यंत्र है। यह व्यक्ति के अंदर निर्णय क्षमता, तेजी और कार्यशक्ति को सक्रिय करता है तथा भूमि, वाहन, करियर और कोर्ट केस से जुड़े मामलों में सफलता प्रदान करता है। मंगल दोष और कुंडली के नकारात्मक प्रभाव भी इससे कम होते हैं।
साहस, आत्मविश्वास, कार्यशक्ति और ऊर्जा बढ़ाता है।
भूमि, वाहन, प्रॉपर्टी से जुड़े लाभ दिलाता है।
कोर्ट केस, विवाद और शत्रुओं पर विजय दिलाने में सहायक।
रक्त, दुर्घटना, क्रोध और चोट संबंधी समस्याओं से सुरक्षा।
मंगल दोष, कुंडली में खराब मंगल और मांगलिक दोष को कम करता है।
जिनकी कुंडली में मंगल कमजोर, पीड़ित या अधिक आक्रामक हो।
कोर्ट केस, प्रॉपर्टी विवाद या संघर्ष जैसी स्थिति वाले लोग।
सेना, पुलिस, स्पोर्ट्स, फिटनेस या प्रशासनिक क्षेत्र वाले व्यक्ति।
ऊर्जा की कमी, हिम्मत की कमी या अधिक डर महसूस करने वाले लोग।
मंगलवार या शुक्ल पक्ष के किसी शुभ मुहूर्त में स्थापित करें।
यंत्र को दक्षिण दिशा या पूरब दिशा में रखें।
लाल फूल, गुड़, चना दाल या लाल चंदन अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” (11–108 बार जप)